Home Rent Rules 2025 में मकान मालिकों और किरायेदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका उद्देश्य किरायेदारी व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और न्यायसंगत बनाना है। नए नियमों के अनुसार मकान मालिक बिना तीन महीने की नोटिस के किरायेदार को घर नहीं निकाल सकेंगे, और किराया बढ़ाने के लिए किरायेदार की पूर्व लिखित सहमति अनिवार्य होगी। मकान मालिकों को सुरक्षा प्रावधान जैसे सीसीटीवी लगाने होंगे, एग्रीमेंट डिजिटल पंजीकृत करना होगा, और सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा निर्धारित की गई है।
इन नियमों से किरायेदारों को आश्वासन मिलेगा कि वे अनुचित बर्खास्तगी और अचानक किराया वृद्धि से बचेंगे। इसके साथ ही, विवादों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष ट्रिब्यूनल भी बनाए जाएंगे। हालांकि मकान मालिकों के लिए यह नियम कुछ अतिरिक्त जिम्मेदारियां और चुनौतियां लेकर आएंगे, जैसे कि विवरण अपडेट करना और डिजिटल प्रक्रिया अपनाना।
सरकार का उद्देश्य है कि ये नियम किरायेदारी के बाजार में विश्वास और संतुलन स्थापित करें और सभी पक्षों के हित सुरक्षित हों।
मुख्य बदलाव
- तीन महीने की पूर्व सूचना के बिना निकासी प्रतिबंधित
- किराया बढ़ाने के लिए लिखित सहमति आवश्यक
- सुरक्षा व्यवस्था (सीसीटीवी आदि) अनिवार्य
- डिजिटल एग्रीमेंट पंजीकरण जरूरी
- सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा निर्धारित
- विवाद निवारण के लिए विशेष ट्रिब्यूनल
- किरायेदारों को बेहतर संरक्षण, उन्हें नोटिस और रसीद का अधिकार
यह नियम बड़े शहरों में विशिष्ट रूप से लागू किए जाएंगे और सरकार समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि यह संशोधित व्यवस्था प्रभावी रूप से क्रियान्वित हो सके।
Disclaimer – यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। राज्यों में नियमों में भिन्नता हो सकती है। कोई कानूनी निर्णय लेने से पहले संबंधित नियमों और अधिकारियों से सलाह लेना जरूरी है।
यह नियम 2025 से प्रभावी होंगे जो पूरे देश में किराए के बाजार को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएंगे.