दिल्ली में हुए बम ब्लास्ट की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। एजेंसियों को इस मामले में लगातार नए कनेक्शन मिल रहे हैं, जिससे आतंकी नेटवर्क का दायरा और बड़ा होता दिख रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि धमाके से पहले डॉक्टर शाहीन, डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर आरिफ के बीच बार-बार संपर्क हुआ था। 1 नवंबर से 7 नवंबर के बीच इन तीनों ने दर्जनों बार चैटिंग और बातें की थीं, जिसमें सिर्फ डॉक्टर शाहीन और डॉक्टर आरिफ के बीच ही 39 वॉयस कॉल, 43 व्हाट्सऐप कॉल व करीब 200 मैसेज एक्सचेंज हुए।

पुलिस ने डॉक्टर आरिफ को हिरासत में लेने के बाद फरीदाबाद के अशोक नगर में एक फ्लैट से कई डिजिटल डिवाइस बरामद किए, जिनसे चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जांच के दौरान कानपुर के लिंक बार-बार सामने आ रहे हैं, जिससे ATS टीम वहां दोबारा जा सकती है। डिजिटल लोकेशन डेटा भी कानपुर की तरफ इशारा कर रहा है।

Al-Falah University पर शिकंजा
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं—एक चीटिंग और दूसरी फॉर्जरी के लिए। जांच एजेंसियां यहां के रिकॉर्ड और दस्तावेज़ खंगाल रही हैं। NIA की टीम ने भी यूनिवर्सिटी परिसर की तलाशी ली है।

एमबीबीएस छात्र गिरफ्तार, यूपीयू डॉक्टर्स रडार पर
फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी का एमबीबीएस छात्र ज़निशर आलम आतंकी कनेक्शन में गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी उत्तर दिनाजपुर (पश्चिम बंगाल) से हुई। हरियाणा के मेवात से तीन डॉक्टर हिरासत में लिए गए, जिनका संपर्क अल-फलाह यूनिवर्सिटी से था। डॉक्टर मुस्तकीम और उमर मोहम्मद के बीच कई संदिग्ध चैट सामने आई हैं।

आई-20 कार कनेक्शन और अन्य खुलासे
जांच में सामने आया कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई आई-20 कार फरीदाबाद के एक डीलर से नकद दो लाख रु. में खरीदी गई थी और इसमें जम्मू-कश्मीर का ड्राइविंग लाइसेंस इस्तेमाल किया गया।

डॉक्टर शाहीन का IMA से निष्कासन, अन्य डॉक्टर रडार पर
ATS टीमों ने कानपुर मेडिकल कॉलेज और कार्डियोलॉजी के 400 से अधिक डॉक्टरों की जांच शुरू की है, जिसमें शाहीन के सीनियर्स, जूनियर्स व अन्य फैकल्टी भी शामिल हैं। GSVM मेडिकल कॉलेज में काम कर चुकी डॉक्टर शाहीन की IMA सदस्यता भी समाप्त कर दी गई है।

अन्य राज्य और संदिग्ध गतिविधियां
जांच टीम ने पता लगाया कि पठानकोट के एक मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर रियाज़ अहमद को भी हिरासत में लिया गया, जो अतीत में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था और दिल्ली ब्लास्ट के मुख्य आरोपी उमर मोहम्मद के संपर्क में था।

अयोध्या सहित कई जगह सुरक्षा कड़ी
दिल्ली ब्लास्ट के बाद अयोध्या में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है, खासकर हनुमानगढ़ी में मेटल डिटेक्टर और अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। प्रधानमंत्री के आगामी दौरे को देखते हुए पूरी रामनगरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

निष्कर्ष
दिल्ली बम ब्लास्ट के नेटवर्क की जांच लगातार फैलती जा रही है। एजेंसियों का फोकस मेडिकल क्षेत्र से जुड़े संदिग्ध डॉक्टरों, यूनिवर्सिटी और कई राज्यों में जुड़े लिंक पर है। अगले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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