भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 10, 20, 100 और 500 रुपये के नोटों के लिए नई गाइडलाइंस नवंबर 2025 से लागू कर दी हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य नकली नोटों की रोकथाम और नकद लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाना है। इन नए नियमों के अंतर्गत नोटों के डिजाइन में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन उनके संचालन और वितरण के नियम कड़े किए गए हैं।
नई गाइडलाइंस के तहत RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर वाले नोट जारी होंगे। बैंकों और एटीएम ऑपरेटरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 75% से अधिक एटीएम में छोटे मूल्य वाले नोट जैसे 10, 20 और 100 रुपये के नोट उपलब्ध कराएं। नकद लेनदेन में 50,000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन के लिए वैध दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा और नकली नोट पकड़ने के लिए तकनीकी उपाय बढ़ाए गए हैं। पुराने नोट भी वैध रहेंगे लेकिन नए नोट धीरे-धीरे बाजार में आने शुरू हो जाएंगे।
RBI ने नकद लेनदेन को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ नकली नोटों की समस्या को प्रभावी ढंग से कम करने का प्रयास किया है। इस कदम से वित्तीय अनुशासन में भी सुधार होगा और आम लोगों को छोटे नोटों की सुविधा मिलेगी। नई गाइडलाइंस से बैंकों की सिक्योर नोट वितरण प्रणाली और ट्रैकिंग भी मजबूत होगी।
सारांश तालिका:
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नोट के मूल्य | 10, 20, 100, 500 रुपये |
| डिजाइन | महात्मा गांधी (नई) शृंखला के समान, कोई बड़ा बदलाव नहीं |
| नए हस्ताक्षर | RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा |
| सुरक्षा फीचर्स | नकली नोट रोकने के लिए तकनीकी उपाय बढ़ाए गए |
| एटीएम आपूर्ति | 75% से अधिक एटीएम में छोटे नोट उपलब्ध कराना अनिवार्य |
| नकद लेन-देन नियम | 50,000 रुपये से ऊपर के लेन-देन में वैध दस्तावेज आवश्यक |
| नोटों की वैधता | पुराने नोट भी वैध रहेंगे |
| लागू होने की तिथि | नवंबर 2025 से |
| उद्देश्य | नकली नोट रोकथाम, नकद लेन-देन सुरक्षित बनाना |
यह नए बदलाव नकद लेन-देन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएंगे तथा नकली नोटों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करेंगे। इससे जनता को नोटों के नए संस्करण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और बैंकिंग प्रणाली में ट्रांजैक्शन की पारदर्शिता बढ़ेगी.