बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन को मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लालू यादव परिवार में अंदरूनी संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। सबसे बड़ी खबर तब आई जब लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया। रोहिणी ने अपने पोस्ट में तेजस्वी यादव के दो करीबी सलाहकार – संजय यादव और रमीज खान – के नाम सार्वजनिक किए और कहा कि उन्हीं के कहने पर उन्होंने यह फैसला लिया है।
इस बयान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। संजय यादव और रमीज खान तेजस्वी यादव के चुनावी ब्रेन और रणनीति के दमदार चेहरे माने जाते हैं। वे पर्दे के पीछे रहकर कैंपेन मैनेजमेंट, डेटा एनालिसिस, और पूरी रणनीति का संचालन करते हैं। इन दोनों का बैकग्राउंड भी मीडिया और जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कौन हैं रमीज नेमत खान?
रमीज खान पॉलिटिकल साइंस ग्रेजुएट और एमबीए हैं। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल से स्कूलिंग, जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन और एमबीए हासिल किया। उनके पिता जामिया में प्रोफेसर और मां शिक्षिका हैं। रमीज के क्रिकेट करियर की भी चर्चा रहती है – वे झारखंड की अंडर-22 टीम के कप्तान रहे, रणजी खेल चुके हैं। राजनीति में उनका परिवार भी सक्रिय रहा है। वे पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद हैं और उनकी पत्नी जेबा रिजवान ने भी चुनाव लड़ा है।
कौन हैं संजय यादव?
संजय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के हैं और तेजस्वी यादव के मुख्य तकनीकी सलाहकार बने हुए हैं। वे कंप्यूटर साइंस और मैनेजमेंट के एक्सपर्ट हैं और आधुनिक चुनावी रणनीति में डेटा और टेक्नोलॉजी पर जोर देते हैं। संजय की गिनती तेजस्वी के सबसे भरोसेमंद सलाहकारों में होती है।
बिहार की हार के बाद RJD और परिवार के भीतर उठी दरार ने पार्टी की रणनीति, अंदरूनी राजनीति और नेतृत्व के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। राजनीतिक विश्लेषक इस विवाद को महागठबंधन की भविष्य की दिशा के लिहाज से बेहद अहम मान रहे हैं।