शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि कांग्रेस और उनकी पार्टी दोनों अपने राजनीतिक फैसले खुद लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने बृहन्मुम्बई नगर निगम (BMC) चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और शिवसेना (UBT) दोनों महाविकास अघाड़ी (MVA) के सदस्य हैं, लेकिन राज ठाकरे की मनसे (MNS) के साथ नजदीकियां बढ़ने के बाद इनके बीच दूरी बढ़ती जा रही है।

उद्धव ठाकरे ने बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की भारी जीत पर सवाल उठाया और लोकतंत्र के नए गणित को समझने में कठिनाई जताई। उन्होंने कहा कि विपक्षी रैलियों में भारी भीड़ होती है, फिर भी उम्मीदवार हार जाते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए तेजस्वी यादव की रैलियों में लगी भीड़ की असलियत पर सवाल उठाया कि क्या यह भीड़ वास्तविक थी या AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के जरिए बनवाई गई थी।

चुनाव आयोग की कार्यशैली पर उद्धव ने कड़ी आलोचना की और कहा कि विपक्ष द्वारा मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर आवाज उठाने और मार्च निकालने के बावजूद चुनाव आयोग बातचीत के लिए तैयार नहीं। उन्होंने पूछा, “अगर चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है तो क्या इसे लोकतंत्र कहा जा सकता है?”

इसके अलावा उन्होंने बीजेपी पर क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की कोशिश का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि जो पार्टी क्षेत्रीय गौरव को कुचलने की कोशिश करेगी, वह देश में टिक नहीं पाएगी। उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और कांग्रेस दोनों स्वतंत्र हैं और अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र रहेंगेशिवसेना (UBT)उद्धव ठाकरेकांग्रेसबृहन्मुम्बई नगर निगम (BMC)महा विकास अघाड़ी (MVA)मनसे (MNS)NDAचुनाव आयोगतेजस्वी यादवAI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)बीजेपीक्षेत्रीय दल.

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